नशामुक्त भारत का संदेश लेकर गांव में निकली जागरूकता रैली
जीएलएम कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर विद्यार्थियों ने नाटक, नृत्य व पोस्टर के जरिए किया जागरूक

किशनगढ़ बास 24 सितंबर। गणेशी लाल मेमोरियल कृषि महाविद्यालय, किशनगढ़ बास में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की 57वीं वर्षगांठ गुरुवार को केंद्रीय थीम “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटक, नृत्य और पोस्टर के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं एवं ग्रामीण समुदाय को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत कर स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति, राष्ट्रीय एकता, भाईचारा, स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। डॉ. आर. डी. खान ने नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। पुलिस विभाग से हेड कॉन्स्टेबल संदीप मीणा ने नशे के प्रभाव से दैनिक जीवन में होने वाले नुकसान के संबंध में अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया। एनएसएस प्रभारी मुहम्मद आरिफ ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों एवं भूमिका की जानकारी देते हुए कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कुमारी आशा ने विद्यार्थियों, स्टाफ तथा मांचा गांव से आए युवा अतिथियों को नशामुक्ति एवं एनएसएस की शपथ दिलाई। उन्होंने परिवार और समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में जागरूकता रैली भी निकाली। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन “नशे को कहें ना—स्वस्थ एवं नशामुक्त भारत की ओर बढ़ें” के संदेश के साथ हुआ।





